Types of mutual fund: म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार

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Mutual fund

                 Types of Mutual Fund 

Mutual fund जहा आप sip या lumsum से आप पैसे इन्वेस्ट करते है mutual fund इन्वेस्टमेंट की वो जगह है जहाँ इन्वेस्टर अपना पैसा स्टॉक्स , बांड्स , debt में इन्वेस्ट करते है । जहा compound interest की मदद से अपना पैसे कई गुना करते है, एक टाइम बाद पैसा उनके लिए काम करना शुरू कर देता है । शेयर मार्किट की जानकारी के लिए क्लिक करे https://tarunblogs.com/share-market-for-beginners-4-jaaniye-hindi-mein/

मै अच्छी तरह जानता हूं कि हर इंसान की रिस्क लेने की एक क्षमता होती है , कोई काम रिस्क ले सकता है तो कोई ज्यादा । तो आप अपने रिस्क लेने के हिसाब से अपने लिए उस टाइप का mutual fund चुन सकते है ।

Types of Mutual Fund in Hindi

Equity म्यूच्यूअल फण्ड _

जो mutual fund शेयर में इन्वेस्ट करते है , उन्हें equity mutual fund कहते है। इस तरह के mutual fund में रिस्क भी ज्यादा रहता है और रिटर्न भी ज्यादा होता है । Equity mutual fund को एक उदाहरण से समझते है ।

मान लीजिए आपने चंडीगढ़ से दिल्ली कार से जाना है । आपके पास दो तरीके है , या तो आप खुद गाडी चलाये और सफर का मज़ा ले या यदि आप खुद गाडी नही चलाना चाहते तो फिर आप कैब करे जिसमे आपको प्रोफेशनल ड्राइवर मिलेगा , जो की आपसे कही ज्यादा अनुभवी होगा।

बस उसी तरह यदि आप Equity mutual fund में निवेश करना चाहते है तो आप या तो सीधे स्टॉक मार्केट में निवेश करें या फिर mutual fund में प्रोफेशनल फण्ड मेनेजर होता है जो अपनी मर्जी से अलग अलग स्टॉकस में आपके पैसे लगायेगा और आपको अच्छे रिटर्न बना के देगा !

Equity mutual fund में मेनेजर अच्छी कंपनी जिनका कैशफलौ अच्छा होता है ,वहां आपके पैसे निवेश करते है। इस फण्ड में अगर आप निवेश करना चाहते है तो आपको 5 साल से ऊपर की इन्वेस्टमेंट करनी पड़ेगी, तभी आप अच्छा रिटर्न बना पाएंगे।

2.Debt म्यूच्यूअल फण्ड

Debt mutual fund के फण्ड को डेब्ट , बांड्स या कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपोसिटेड में लगाया जाता है । Debt mutual fund Equity mutual funds की तुलना में कम रिस्की होते है । इस फण्ड में रिस्क भी कम होता है और रिटर्न भी equity mutual fund की तुलना में कम होता है । इस फण्ड की maturity 91 दिन की होती है । debt mutual fund में आपको पैसा सेविंग अकाउंट से ज्यादा ही मिलता है ।

 

Hybrid म्यूच्यूअल फण्ड

Hybrid म्यूच्यूअल फण्ड को बैलेंस्ड फण्ड भी कहते है क्योंकि ये फण्ड स्टॉक्स और डेब्ट दोनों में इन्वेस्ट करता है दोनों को बैलेंस करता है । इस फण्ड में 60% स्टॉक्स और 40% डेब्ट में इन्वेस्ट होता है, इसलिए इस फण्ड में रिस्क कम ही होता है और यहाँ 5 साल तक इन्वेस्ट कर के अछे रिटर्न बना सकते है ।

Index म्यूच्यूअल फण्ड

वो फण्ड जो शेयर बाजार के किसी index में शामिल कम्पनीज में किया जाता है , index में जितनी कम्पनीज का वजन होता है , उसी अनुपात में शेयरो में निवेश किया जाता है । अगर आपको लगता है मार्किट भविष्य में ऊपर जायेगा तो आप index मुुटुअल  फण्ड पर पैसा लगा सकते है। इस फण्ड में रिस्क कम होता है और रिटर्न भी अच्छे मिलते है ।

Sector म्यूच्यूअल फण्ड –
वो फण्ड जो किसी एक क्षेत्र में पैसे लगाये जाते है । आमतौर पर ये फण्ड बहुत ज्यादा रिस्की होते है । क्योंकि इनमें एक क्षेत्र की कम्पनीस में ही पैसा लगाया जाता है । नए निवेशकों के लिए सेक्टर फण्ड ज्यादा रिस्की है , क्योंकि उन्हें जानकारी कम होती है।

इस फण्ड में फण्ड मेनेजर को लगता है कि जो सेक्टर जैसे फार्म, बैंकिंग , इंफ्रास्ट्रक्चर,टेक्नोलॉजी आदि जो भविष्य में अच्छा परफॉर्म करेगा उनमे निवेश करते है । परंतु यदि आप लंबे समय के लिए इसमें निवेश करेगे तो आपको यहां अच्छा रिटर्न देखने को मिलेगा ।

Tax saver fund –

इस फण्ड के आपको दो फायदे है, एक तो इस फण्ड में पैसे स्टॉक्स में निवेश होते है , जिससे आपको रिटर्न अच्छा मिलता है । दूसरा ये फायदा है कि आपको इसमें टैक्स का फायदा है अगर आपकी इनकम साल की 5 लाख से ज्यादा है तो आपको टैक्स में फायदा मिलेगा। इस फण्ड में 3 साल का लॉक इन पीरियड होता है ।

आप 3 साल से पहले पैसे नही निकाल सकते । इस फण्ड में रिस्क ज्यादा नही होता क्योंकि यहां अलग अलग स्टॉक्स में निवेश होता है जिससे रिस्क कम हो जाता है । इस फण्ड में मुख्य फण्ड के नाम है -टाटा इंडिया टैक्स सेविंग फण्ड, आदित्य बिरला सन लाइफ टैक्स रिलीफ 96।

अब अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना चाहते है, अपनी रिस्क क्षमता के हिसाब से इन सब में से चुन सकते है । अगर कोई दिक्कत हो रही हो तो बेजीझक हमसे संपर्क कर सकते हैं। 

ज्यादा जानकारी के लिए आप मेरी वेबसाइट में https://tarunblogs.com विजिट करे 

 

धन्यवाद ।

 

 

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