Share Market Basics for Beginners in Hindi 5

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Share market for beginners          की 5वी सीरीज में आपका स्वागत है ।आपका बहुत बहुत धन्यवाद मेरी share market सीरीज को इतना प्यार देने के लिए। आपने मेरी चारो सीरीज को नहीं पढ़ा तो उसे जरूर पढ़िए अगर आप share market सीखना चाहते है , और एक अच्छे निवेशक बनना चाहते है । तो चलिए समझते है share market की terms को।

Share market for beginners         

 शेयर मार्किट की 5वी सीरीज में आपका स्वागत है । आपका बहुत बहुत धन्यवाद मेरी share market सीरीज को इतना प्यार देने के लिए। आपने मेरी चारो सीरीज को नहीं पढ़ा तो उसे जरूर पढ़िए अगर आप share market सीखना चाहते है , और एक अच्छे निवेशक बनना चाहते है । तो चलिए समझते है share market की terms को।

Trend – ट्रेंड से हमे किसी share या index की movement का पता चलता है कि शेयर या इंडेक्स uptrend कर रहा है या down trend।

 

Promoters – promoters होते है कंपनी के मालिक (owner)। promotors shareholding का मतलब है कि कंपनी के मालिक की कंपनी में हिस्सेदारी। अब ये जरुरी क्यों है ?

अगर promotors की shareholding कंपनी में ज्यादा है तो ये एक अच्छा संकेत है क्योंकि अगर आपको अपनी कंपनी पर भरोसा है तो लोग भी आप पे भरोसा करेगे।

परन्तु यदि promotors की share holding कम है तो सीधा सीधा ये संकेत है कि कंपनी के मालिक को ही कंपनी पर भरोसा नहीं है, तो लोग भी भरोसा नहीं करेंगे।

Pledged – pledged का मतलब हैकिसी चीज़ को गिरवी रखना । कंपनी के मालिक अपने पर्सनल या कंपनी के लिए अपने शेयर गिरवी रख देते है जिससे वो लोन लेते है ,जब उनको पैसो की जरूरत होती है । और promotors और बैंक के बीच सौदा ये होता है कि अगर हम पैसे न दे पाए तो आप share बेच कर अपने पैसे पुरे कर लीजियेगा।

जब कंपनी अपने शेयर pledged करती है तो share के भाव गिरते है जिससे उनको बहुत नुकसान भी होता है और कई बार तो कंपनी दिवालिया भी हो जाती है।

make unity

Retail investor – retail investor individual होते है जैसे आप और मै। ये बहुत छोटे investor होते है ।retail investor अपने पर्सनल अकाउंट के लिए share खरीदते है।

Institutional investor – institutional investor मतलब एक संस्था। जैसे म्यूच्यूअल फण्ड ,पेंशन फण्ड , insurance कंपनी। जो अपने portfolio या लोगो के लिए investment करते है।

Retail इन्वेस्टर की तुलना में institutional इन्वेस्टर बड़ी मात्रा में share खरीदते है क्योंकि इनके पास लोगो का फण्ड होता है । और ये एक पूरी संस्था होती है। 

Iinstitutional इन्वेस्टर के पास खुद की रिसर्च टीम होती है जो सारे analyse कर के किसी कंपनी में निवेश करती है।

Fii– foriegn institutional investor। जो दूसरे देश के institutional हमारे यानि भारत में निवेश करते है उन्हें foreign institutional investor कहा जाता है।

fii बड़ी capital में निवेश करते है जब वे भारत में निवेश करते है तो उस कंपनी के शेयर तेज़ी पकड़ते है। इसलिए निवेशक fii की activity पर बहुत ज्यादा नज़र रखते है ।

Dii – domestic instituitonal investor। जब इंडिया के institutional इंडिया की market में निवेश करते है, उन्हें domestic institutional investor कहा जाता है।

Insurance company – share holding में insurance company का मतलब है कि उस share में insurance company ने कितने share खरीद रखे है।

जिस कंपनी में insurance company ने share ज्यादा ख़रीदे होते है उसका मतलब होता है कि उनको उस share पर बहुत विश्वास है कि भविष्य में ये अच्छा रिटर्न देगा।

Mutual fund – share holding में mutual fund का मतलब है कि mutual fund का जो fund manager होता है उसने कितने % उस कंपनी में भरोसा दिखाया है ।

fund manager जो की बहुत अनुभवी होता है वो पूरी रिसर्च कर के किसी शेयर में पैसा लगता है ।

Share market में उतार चढ़ाव चलते रहते है , एक सच्चे निवेशक को इससे घबराना नहीं चाहिए । आप लंबे समय के लिए शेयर ही ख़रीदे। तो share market for beginners की सीरीज यही समापत होती है अगर आप मुझसे share market या finance से संबधित कोई सवाल पूछना चाहते है या आप मुझे कोई सुझाव देना चाहते है तो आप मुझे कमेंट में मैसेज कर सकते है या आप मुझे ईमेल भी कर सकते है wadhwatarun321@gmail.com

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