म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट बनाम रेगुलर प्लान 2021

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म्यूच्यूअल फण्ड
म्यूच्यूअल फण्ड

      म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट बनाम  रेगुलर प्लान

म्यूच्यूअल फण्ड

म्यूच्यूअल फण्ड  कम्पनीज निवेशको से पैसा इकठा कर के शेयर मार्किट में निवेश करती है , इसके बदले म्यूच्यूअल फण्ड  निवेशको से कुछ चार्जेज लेते है , और बदले में निवेशको को अच्छे रिटर्न  बना के देते है |  जो निवेशक शेयर मार्किट के बारे में नहीं जानते , उनके लिए म्यूच्यूअल फण्ड एक बहुत अच्छा विकल्प है |

म्यूच्यूअल फण्ड  में आप 500 रुपए से निवेश कर सकते है या आप lumsum पैसा एक ही बार में निवेश कर सकते है | अब हम बात करेगे की आप अगर mutual fund ले तो उसमे कोन सा प्लान ले | म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट vs रेगुलर प्लान

म्यूच्यूअल फण्ड  रेगुलर प्लान

म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट प्लान एक प्रकार का  म्यूच्यूअल फण्ड का ही एक प्रकार है जिसमे को थर्ड पार्टी यानि कोई एजेंट या ब्रोकर शामिल नहीं होता | इसीलिए आपको direct fund में आपको कोई कमीशन या ब्रोकरेज नहीं देनी होती |
ब्रोकरेज कम होने की वजह से आपको रिटर्न यहाँ ज्यादा देखने को मिलता है | आप बड़ी आसानी से direct फण्ड  को पहचान सकते है , Mutual Fund के नाम में Direct शब्द लिखा होगा वो ही इसकी पहचान है |

म्यूच्यूअल फण्ड रेगुलर प्लान – 

म्यूच्यूअल फण्ड रेगुलर प्लान  में थर्ड पार्टी शामिल होती है , ये थर्ड पार्टी प्राय: ब्रोकर , दलाल , एजेंट , सलाहकार हो सकता है | यहा ब्रोकर / सलाहकार / एजेंट / या दलाल आपको फण्ड बेचकर फण्ड हाउस से एक निश्चित शुल्क लेता है | ये शुल्क प्राय: 0.5% से 1.5% तक होता है | इसीलिए रेगुलर म्यूच्यूअल फण्ड  में डायरेक्ट म्यूच्यूअल फण्ड की तुलना में ज्यादा रिटर्न देखने को मिलता है |

रेगुअल्र प्लान में सीधे आपसे कमीशन नही लिया जाता , आप अगर 100 रुपए निवेश करते है तो आपको 98 रुपए के शेयर खरीद के देते है | रेगुलर फण्ड उन निवेशको के लिए अच्छा  है  जिनको बाज़ार की बहुत ही कम जानकारी है वो एक शुल्क दे कर किसी एक्सपर्ट सलाहकार की मदद से निवेश कर  लेते है |

डायरेक्ट और रेगुलर म्यूच्यूअल फण्ड  में अंतर

2013 से पहले रेगुलर म्यूच्यूअल फण्ड  ही ख़रीदे जाते थे क्युकी तब तकनीक इतनी नहीं थी जितनी की आज है | तब मोबाइल भी इतने लोगो के पास नहीं था और न इन्टरनेट इतना प्रयोग होता था | फिर 2012 में SEBI ने डायरेक्ट m का प्रस्ताव रखा , जिसमे आप सीधे ऑनलाइन fund को खरीद बेच सकते है |

इस फण्ड में एजेंट / ब्रोकर को समाप्त कर दिया गया , आप सीधे निवेश ऑनलाइन app के जरिये कर सकते है | कमीशन न देने की वजह से निवेशको को ज्यादा लाभ होने लगा और 1% की बचत निवेशको को होने लगी जो पैसा ब्रोकर को देना पड़ता था |

अब आपके मन में एक प्रशन आ रहा होगा की 1% तो एक छोटा सा शुल्क है तो ये देने में कितना फर्क आये | एक उदाहरण  से समझते है

आप हर महीने 5000 रुपए रेगुलर mutual fund में निवेश करते है , साल आप 60,000 रुपए जमा कराते है तो पहले साल आपका ब्रोकर 1% के हिसाब से 600 रुपया ले गया | अगले साल 1,20,000  हो गये आपके दो साल ले तो अब 1200 उसका कमीशन बना |

अगर आप 10 साल के लिए भी आप निवेश करेगे तो आपका पैसा 6 लाख और उस पर मान लो आप रिटर्न 10 % कमाते है तो 10.33 लाख  हो जायेगा अब ब्रोकर  10,330 रुपए आपसे कमीशन लेगा |

यदि आप  इंडिया के 2020 के सबसे बड़े ब्रोकर  के बारे में जानना चाहते है तो इस लिंक पर क्लिक करे

निष्कर्ष

अंत में में आपको यही राय देना चाहूँगा की  जब भी आप mutual fund में इन्वेस्ट करे तो डायरेक्ट प्लान ही ले , regular प्लान न ही ले तो ज्यादा  अच्छा है , ताकि आपकी मेहनत का पैसा कोई और न ले जा सके | आप बहुत साडी trusted app से पैसा इन्वेस्ट कर सकते है जैसे paytm money mutual fund , groww app , hdfc mutual fund , SBI mutual fund , आदि है |

इसके अलावा आप ZERODHA COIN  , 5पैसा , ETMONEY , K TRACK MOBILE APP  आदि आप कही से भी डायरेक्ट plan ले सकते है |

यदि आप शेयर मार्किट के बारे में सीखना चाहते है तो इस लिंक पर क्लिक करे https://tarunblogs.com/share-market-for-beginners-jaaniye-hindi-mein/

अगर आप मुझसे Mutual Fund Direct vs Regular या  शेयर मार्किट , mutual fund से जुडा कोई भी सवाल पूछना चाहते है या इस वेबसाइट के बारे में मुझे कोई सुझाव देना   चाहते है तो आप मुझे कमेंट  या ईमेल कर सकते है wadhwatarun321@gmail.com

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